भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की विशेष विदेशी मुद्रा जमा सुविधा FCNR-B के तहत देश में पूंजी का प्रवाह उम्मीद से कहीं ज्यादा रहा है। RBI के ताजा प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक, विशेष रियायती स्वैप विंडो के जरिए FCNR-B जमा में $127.2 अरब की आवक हुई है।
अगर External Commercial Borrowings (ECBs) और Overseas Foreign Currency Borrowings (OFCBs) से आई राशि को भी शामिल किया जाए, तो कुल पूंजी प्रवाह $136.3 अरब तक पहुंच गया। यह बाजार के कम से कम $90 अरब के अनुमान से काफी अधिक है। ECB के जरिए $3.8 अरब और OFCB के जरिए $5.2 अरब आए हैं।
इस बार की रकम 2013 में लाई गई पिछली FCNR-B योजना के मुकाबले करीब सात गुना है। उस समय लगभग $26 अरब की पूंजी जुटाई गई थी।
RBI ने जून में विदेशी पूंजी प्रवाह बढ़ाने के लिए कई उपाय किए थे। इनमें तीन और पांच साल की FCNR-B जमा पर हेजिंग लागत में सहायता और सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं के लिए ECB पर रियायती स्वैप विंडो शामिल थी।
FCNR-B विंडो को तय समय से पहले बंद किया गया, क्योंकि RBI के अनुसार बाजार से प्रतिक्रिया काफी मजबूत रही। हालांकि ECB और OFCB के लिए स्वैप विंडो 31 दिसंबर तक जारी रहेगी।
इस बीच, ICICI Bank ने बताया कि उसने FCNR-B योजना के तहत $17.88 अरब (करीब ₹1.70 लाख करोड़) जुटाए हैं। बड़ी मात्रा में प्रवाह UAE से आने की संभावना भी जताई गई है।

