भारतीय बाजार नियामक SEBI ने शेयरों के Closing Auction Session (CAS) और डेरिवेटिव्स कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी सेटलमेंट प्रक्रिया में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव का उद्देश्य एक्सपायरी डे पर कीमत तय करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और बाजार की वास्तविक ट्रेडिंग गतिविधि के अनुरूप बनाना है।
SEBI ने डेरिवेटिव्स के सेटलमेंट प्राइस के लिए दो विकल्प सुझाए हैं। पहले विकल्प में लगातार ट्रेडिंग के आखिरी 30 मिनट और 10 मिनट के CAS को मिलाकर VWAP के आधार पर एक्सपायरी सेटलमेंट प्राइस तय किया जाएगा। दूसरे विकल्प में अंतरिम व्यवस्था के तौर पर केवल आखिरी 30 मिनट की लगातार ट्रेडिंग का VWAP इस्तेमाल होगा। यह व्यवस्था इंडेक्स और स्टॉक, दोनों डेरिवेटिव्स पर लागू होगी।
नियामक ने CAS के दौरान Indicative Index Value (IIV) दिखाना बंद करने का भी प्रस्ताव दिया है। SEBI के मुताबिक, IIV को वास्तविक इंडेक्स लेवल समझे जाने से ट्रेडिंग फैसलों पर असर पड़ सकता है, जबकि यह वास्तविक रूप से निष्पादित ट्रेड पर आधारित नहीं होता।
मार्केट टाइमिंग में भी बदलाव के विकल्प दिए गए हैं। एक प्रस्ताव के तहत CAS शेयरों की लगातार ट्रेडिंग 3:30 बजे तक, ऑक्शन 3:31 से 3:40 बजे तक और डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग 3:45 बजे तक होगी। दूसरे विकल्प में मौजूदा 3:15 बजे के कट-ऑफ को बरकरार रखा जाएगा।
SEBI ने ट्रांजिशन पीरियड को 5 मिनट से घटाकर करीब 1 मिनट और CAS के बाद डेरिवेटिव्स विंडो को 10 से घटाकर 5 मिनट करने का प्रस्ताव दिया है। CAS के लिए मौजूदा 3% प्राइस बैंड बरकरार रहेगा।
CAS को डेरिवेटिव्स सेगमेंट के शेयरों में 3 अगस्त 2026 से लागू किया गया था। SEBI ने प्रस्तावों पर सार्वजनिक टिप्पणियां देने की अंतिम तारीख 3 अक्टूबर 2026 रखी है।

