Rays of Belief IPO ने निवेशकों के लिए ₹125 करोड़ का मेनबोर्ड IPO पेश किया है। कंपनी ने इश्यू के लिए ₹227 से ₹239 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। IPO में 52.30 लाख नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं और कंपनी के शेयर NSE और BSE पर सूचीबद्ध होने प्रस्तावित हैं।
निवेशकों के लिए न्यूनतम लॉट 62 शेयरों का है। ऊपरी प्राइस बैंड पर एक लॉट के लिए ₹14,818 का निवेश करना होगा। 2 सितंबर 2026 तक IPO का Grey Market Premium (GMP) करीब 16% बताया जा रहा था। हालांकि, GMP एक अनियमित और तेजी से बदलने वाला संकेतक है, इसलिए इसे संभावित लिस्टिंग प्रदर्शन की गारंटी नहीं माना जा सकता।
IPO पूरी तरह Fresh Issue है, यानी ₹125 करोड़ की पूरी राशि कंपनी को मिलेगी। कंपनी इस रकम का इस्तेमाल नए सेंटर खोलने, टेक्नोलॉजी, मौजूदा सेंटर लीज, अमेरिकी सब्सिडियरी की लीज, ब्रांड जागरूकता और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करेगी।
FY26 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹81.66 करोड़ रहा, जो FY25 के ₹36.42 करोड़ से करीब 124% अधिक है। EBITDA 294% बढ़कर ₹11.91 करोड़ हुआ, लेकिन PAT लगभग 16% घटकर ₹4.96 करोड़ रह गया। FY26 EBITDA मार्जिन करीब 14.6% और ROCE 29.74% रहा।
कंपनी के पास 57 शहरों और 20 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 136 सेंटर हैं और 2018 से अब तक 58,000 से अधिक बच्चों को सेवाएं दी गई हैं। हालांकि, ₹239 के इश्यू प्राइस पर करीब 101x P/E का Rays of Belief IPO, IPO GMP, ₹125 करोड़ IPO, IPO Price Band और 101x P/E जैसे प्रमुख निवेश संकेतकों के बीच इसका वैल्यूएशन ऊंचा दिखाई देता है। FY26 में PAT में गिरावट और नए सेंटरों के विस्तार से जुड़े execution risks निवेशकों के लिए प्रमुख जोखिम बने हुए हैं।

