तमिलनाडु में L&T का बड़ा दांव: ₹18,600 करोड़ निवेश से डेटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार

तमिलनाडु में L&T का बड़ा दांव: ₹18,600 करोड़ निवेश से डेटा सेंटर और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार

तमिलनाडु सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी सेक्टर में बड़ा कदम उठाते हुए लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के साथ ₹18,600 करोड़ के निवेश समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत राज्य में तीन बड़े प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे, जिनसे करीब 8,200 रोजगार अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

चेन्नई में हुए इस समझौते के दौरान मुख्यमंत्री वी. जोसेफ विजय ने L&T के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर एस.एन. सुब्रमण्यन के साथ चर्चा की और राज्य में कंपनी के निरंतर निवेश की सराहना की। सरकार ने भविष्य के विस्तार के लिए भी पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया।

निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा कांचीपुरम में प्रस्तावित डेटा सेंटर विस्तार परियोजना में जाएगा। इस परियोजना में ₹15,000 करोड़ का निवेश होगा और लगभग 500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा, कोयंबटूर में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए ₹2,500 करोड़ का निवेश किया जाएगा, जिससे करीब 2,000 नौकरियां पैदा होंगी।

तीसरी परियोजना तिरुवल्लुर जिले के कट्टुपल्ली स्थित L&T शिपबिल्डिंग सुविधा के विस्तार से जुड़ी है। इस पर ₹1,100 करोड़ निवेश किया जाएगा और लगभग 5,700 रोजगार अवसर बनने की उम्मीद है।

यह निवेश सिर्फ औद्योगिक विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और AI-आधारित इकोसिस्टम पर भी पड़ सकता है। विशेष रूप से डेटा सेंटर प्रोजेक्ट भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग जरूरतों को समर्थन दे सकता है।

यह समझौता तमिलनाडु सरकार के 2036 तक राज्य को 1.5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के अनुरूप माना जा रहा है। साथ ही, यह नई सरकार के कार्यकाल में औद्योगिक क्षेत्र का पहला बड़ा MoU भी है, जो राज्य के निवेश माहौल के लिए महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।