Jaiprakash Associates के करीब 6.5 लाख शेयरधारकों के लिए बड़ा झटका सामने आया है। कंपनी के शेयर 18 जून 2026 से BSE और NSE से पूरी तरह डीलिस्ट हो जाएंगे। यह फैसला कंपनी की दिवाला प्रक्रिया पूरी होने और Adani Group द्वारा अधिग्रहण के बाद लिया गया है।
कंपनी ने सोमवार को रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि दोनों एक्सचेंजों से डीलिस्टिंग की अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। इसके तहत मौजूदा इक्विटी शेयरधारकों की हिस्सेदारी पूरी तरह समाप्त मानी जाएगी और उन्हें किसी भी तरह का भुगतान नहीं मिलेगा।
यह कदम National Company Law Tribunal (NCLT) के मंजूर किए गए रिजॉल्यूशन प्लान के तहत उठाया जा रहा है। इससे पहले National Company Law Appellate Tribunal (NCLAT) ने Vedanta Ltd की चुनौती को खारिज कर दिया था और अडानी समूह की 14,535 करोड़ रुपये की बोली को सही ठहराया था।
JAL कभी 50,000 करोड़ रुपये के मार्केट कैप तक पहुंच चुकी थी, लेकिन भारी कर्ज और कमजोर वित्तीय स्थिति ने कंपनी को दिवालिया बना दिया। मार्च 2026 तक ICICI Bank की कंपनी में 7.7% हिस्सेदारी थी।
यह घटनाक्रम निवेशकों के लिए बड़ा सबक माना जा रहा है कि सिर्फ सस्ता दिखने वाला शेयर हमेशा अच्छा निवेश नहीं होता। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचे कर्ज और कमजोर बिजनेस मॉडल वाले स्टॉक्स अक्सर ‘वैल्यू ट्रैप’ साबित हो सकते हैं।

