आईटी कंपनी Wipro के शेयर गुरुवार, 4 जून को निवेशकों के बीच चर्चा में रह सकते हैं, क्योंकि कंपनी के ₹15,000 करोड़ के बायबैक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आज शेयर खरीदने का अंतिम अवसर है। रिकॉर्ड डेट 5 जून 2026 तय की गई है और इसके बाद खरीदे गए शेयर इस ऑफर के लिए पात्र नहीं होंगे।
कंपनी ने 22 मई 2026 को अपने अब तक के सबसे बड़े बायबैक कार्यक्रम की रिकॉर्ड डेट घोषित की थी। इसके तहत Wipro अधिकतम 60 करोड़ पूरी तरह चुकता इक्विटी शेयरों को ₹250 प्रति शेयर के तय मूल्य पर वापस खरीदेगी। यह कंपनी की कुल चुकता शेयर पूंजी का लगभग 5.7% हिस्सा है।
भारतीय शेयर बाजार में T+1 सेटलमेंट सिस्टम लागू होने के कारण निवेशकों के डीमैट खाते में रिकॉर्ड डेट तक शेयर मौजूद होने चाहिए। इसी वजह से 4 जून 2026 पात्रता के लिए अंतिम खरीदारी दिन माना जा रहा है। 5 जून या उसके बाद शेयर खरीदने वाले निवेशक इस बायबैक अधिकार के लिए योग्य नहीं होंगे।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि शेयरों की पुनर्खरीद टेंडर ऑफर प्रक्रिया के जरिए होगी, जहां पात्र शेयरधारक निश्चित मूल्य पर अपने शेयर कंपनी को बेच सकेंगे। Wipro के बोर्ड ने इस प्रस्ताव को अप्रैल में मंजूरी दी थी, जबकि 21 मई को शेयरधारकों ने भी इसे स्वीकृति दे दी।
कंपनी की मुख्य वित्त अधिकारी अपर्णा अय्यर ने कहा कि यह Wipro का अब तक का सबसे बड़ा बायबैक कार्यक्रम है और इसे FY27 की पहली तिमाही में पूरा करने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि FY26 के दौरान कंपनी ने डिविडेंड के रूप में करीब 1.3 अरब डॉलर शेयरधारकों को लौटाए, जिससे तीन वर्षों का कुल भुगतान अनुपात 88% तक पहुंच गया।
बेंगलुरु स्थित कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि प्रमोटर समूह के सदस्यों ने भी प्रस्तावित बायबैक में हिस्सा लेने की इच्छा जताई है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े बायबैक कार्यक्रम अक्सर निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण संकेत माने जाते हैं क्योंकि वे कंपनी के पूंजी आवंटन और शेयरधारकों को रिटर्न देने की रणनीति को दर्शाते हैं।

