भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने JPMorgan Chase & Co. की यूनिट Copthall Mauritius Investment Ltd. और स्थानीय ब्रोकरेज Mansi Share and Stock Broking Ltd. के खिलाफ कथित बाजार हेरफेर मामले में रिकॉर्ड तेजी से अंतरिम आदेश जारी किया है। 13 अगस्त को कथित ट्रेडिंग गतिविधि के महज छह दिन बाद दोनों संस्थाओं को पूंजी बाजार से प्रतिबंधित किया गया।
SEBI के इस कदम को CAS Manipulation, SEBI Action, JPMorgan Unit Ban, Closing Auction System और Market Manipulation जैसे मुद्दों पर ट्रेडर्स के लिए स्पष्ट चेतावनी माना जा रहा है। नियामक के अनुसार, दोनों संस्थाओं ने क्लोजिंग ऑक्शन विंडो में BSE Sensex Index के संकेतात्मक संतुलन मूल्य को प्रभावित करने वाले ट्रेड किए, जिससे उनके ऑप्शंस पोजिशन को फायदा हुआ।
SEBI ने आरोप लगाया कि ऊपरी मूल्य सीमा के पास लगाए गए बड़े ऑर्डर्स का एक हिस्सा बाद में रद्द किया गया। इससे बिना पूरी तरह निष्पादित हुए भी संकेतात्मक क्लोजिंग कीमत प्रभावित हुई। दोनों संस्थाओं को करीब ₹3.7 करोड़ ($386,000) के कथित अवैध लाभ की राशि वापस करने तक बाजार से प्रतिबंधित किया गया है।
यह कार्रवाई नए Closing Auction System के लिए महत्वपूर्ण है, जिसकी शुरुआत के बाद कुछ शेयरों और बाजार सूचकांकों में अंतिम मिनट में असामान्य उतार-चढ़ाव देखने को मिला था। नए सिस्टम में एक सीमित ऑक्शन विंडो होने के कारण ऑर्डर, बदलाव और कैंसिलेशन की निगरानी अपेक्षाकृत आसान हो सकती है।
SEBI की यह तेजी Jane Street मामले से भी अलग है, जिसमें कार्रवाई से पहले जांच लंबी चली थी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ताजा कदम CAS को लेकर नियामक की प्रतिबद्धता और ट्रेडर्स के लिए सख्त निगरानी का संकेत देता है।

