भारत में सोने में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए बड़ा बदलाव आने जा रहा है। National Stock Exchange of India यानी NSE 18 मई से Electronic Gold Receipts (EGRs) में ट्रेडिंग शुरू करने जा रहा है। एक्सचेंज का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म गोल्ड निवेश को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और आसान बना सकता है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड उपभोक्ताओं में शामिल है, लेकिन अभी भी ज्यादातर खरीदारी ज्वेलर्स और लोकल बुलियन मार्केट के जरिए होती है। अलग-अलग शहरों में सोने की कीमत, शुद्धता और रीसेल वैल्यू में अंतर देखने को मिलता है। NSE का उद्देश्य EGR के जरिए गोल्ड ट्रेडिंग को एक रेगुलेटेड और स्टैंडर्डाइज्ड सिस्टम में लाना है।
Electronic Gold Receipt एक डिजिटल सिस्टम है, जिसमें निवेशक बिना फिजिकल गोल्ड घर पर रखे सोने में निवेश कर सकते हैं। निवेशक के Demat अकाउंट में गोल्ड यूनिट दिखाई देगी, जबकि असली सोना Sebi-रेगुलेटेड वॉल्ट में सुरक्षित रखा जाएगा। इससे लॉकर खर्च और सुरक्षा से जुड़ी परेशानियां कम हो सकती हैं।
NSE के Chief Business Development Officer Sriram Krishnan के अनुसार, EGR लॉन्च गोल्ड मार्केट में निवेश के तरीके को बदल सकता है। निवेशक शेयरों की तरह बाजार समय में EGR खरीद और बेच सकेंगे।
खास बात यह है कि छोटे निवेशक भी इसमें भाग ले सकेंगे। NSE के मुताबिक EGR 1 किलोग्राम, 100 ग्राम, 10 ग्राम, 1 ग्राम और 100 मिलीग्राम जैसी कई यूनिट्स में उपलब्ध होंगे। इससे लोग कम रकम से धीरे-धीरे गोल्ड निवेश बढ़ा सकेंगे।
EGRs को 999 और 995 प्योरिटी वाले प्रमाणित सोने का समर्थन मिलेगा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सिस्टम व्यापक रूप से अपनाया गया, तो भारत का गोल्ड ट्रेडिंग इकोसिस्टम अधिक संगठित और वैश्विक स्तर पर मजबूत हो सकता है।
| Feature | NSE EGR Trading Details |
|---|---|
| Launch Date | 18 मई 2026 |
| Platform | National Stock Exchange of India (NSE) |
| What is EGR? | डिजिटल रूप में गोल्ड निवेश की सुविधा |
| Storage System | Sebi-रेगुलेटेड सुरक्षित वॉल्ट |
| Trading Method | शेयरों की तरह Demat अकाउंट के जरिए खरीद-बिक्री |
| Available Units | 1 किलोग्राम, 100 ग्राम, 10 ग्राम, 1 ग्राम, 100 मिलीग्राम |
| Gold Purity Standards | 999 और 995 प्योरिटी |
| Key Benefits | सुरक्षित निवेश, आसान ट्रेडिंग, बिना लॉकर की जरूरत |
| Target Investors | रिटेल निवेशक, ज्वेलर्स, बुलियन ट्रेडर्स |
| NSE का उद्देश्य | गोल्ड मार्केट को पारदर्शी और स्टैंडर्डाइज्ड बनाना |

