अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) द्वारा गौतम अडानी और सागर अडानी के खिलाफ सभी आपराधिक आरोप वापस लेने के बाद मंगलवार को Adani Group की कंपनियों के शेयरों में मजबूत तेजी देखने को मिली। Adani Enterprises, Adani Green Energy, Adani Power, Adani Ports and Special Economic Zone, Adani Energy Solutions और Adani Total Gas के शेयरों में 3.5% तक की बढ़त दर्ज की गई।
यह फैसला उस 19 महीने लंबे कानूनी विवाद का अंत माना जा रहा है जिसने समूह की वैश्विक विस्तार योजनाओं, फंड जुटाने की प्रक्रिया और कुछ बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स पर असर डाला था। न्यूयॉर्क में दर्ज सिक्योरिटीज और वायर फ्रॉड मामले में अमेरिकी अदालत के समक्ष DOJ ने कहा कि वह इस मामले पर आगे संसाधन खर्च नहीं करना चाहता, जिसके बाद अदालत ने आरोप स्थायी रूप से खारिज कर दिए।
साथ ही, अडानी समूह ने अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के साथ सिविल आरोपों को लेकर 275 मिलियन डॉलर के भुगतान पर समझौता किया। कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह समझौता किसी भी प्रकार की गलती स्वीकार करने के बराबर नहीं है। आरोप ईरान से जुड़े OFAC प्रतिबंधों के कथित उल्लंघन से संबंधित थे।
इस मामले ने 2024 में तब बड़ा मोड़ लिया था जब अमेरिकी एजेंसियों ने लगभग 265 मिलियन डॉलर की कथित रिश्वत योजना का आरोप लगाया था, जिसका संबंध सोलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट्स से बताया गया था। हालांकि अब आपराधिक आरोप हटने से निवेशकों का भरोसा लौटता दिख रहा है और बाजार इसे अडानी समूह के लिए बड़ी सकारात्मक खबर मान रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अडानी की नई कानूनी टीम ने अमेरिका में 10 अरब डॉलर के निवेश और करीब 15,000 नौकरियां पैदा करने का प्रस्ताव भी रखा था। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कानूनी अनिश्चितता कम होने से समूह की अंतरराष्ट्रीय फंडिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार योजनाओं को फिर गति मिल सकती है।

