Flipkart IPO में फिर देरी, Walmart ने दिया साफ संदेश: पहले मुनाफा, फिर लिस्टिंग

Flipkart IPO में फिर देरी, Walmart ने दिया साफ संदेश: पहले मुनाफा, फिर लिस्टिंग

भारत की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी Flipkart का बहुप्रतीक्षित IPO फिलहाल टल गया है। कंपनी की पैरेंट कंपनी Walmart ने साफ कर दिया है कि अब प्राथमिकता मुनाफे पर होगी, न कि जल्दबाज़ी में शेयर बाजार में उतरने पर।

सूत्रों के मुताबिक, Walmart ने Flipkart को FY2027 के अंत तक EBITDA ब्रेकईवन हासिल करने का लक्ष्य दिया है। इसका मतलब है कि कंपनी तब तक IPO या प्री-IPO फंडिंग राउंड आगे नहीं बढ़ाएगी, जब तक वह लाभप्रदता के करीब नहीं पहुंच जाती। यह फैसला हाल ही में Walmart के CEO और प्रेसिडेंट John Furner की बेंगलुरु यात्रा के दौरान हुई चर्चाओं में लिया गया।

यह दूसरी बड़ी भारतीय टेक कंपनी है जिसका IPO हाल के महीनों में टला है। इससे पहले PhonePe ने भी अपनी लिस्टिंग योजनाओं को आगे बढ़ाया था। हालांकि, Walmart पर निवेश निकालने का दबाव फिलहाल कम दिखाई दे रहा है। 2018 में Flipkart अधिग्रहण के समय Walmart का मार्केट कैप लगभग 300 अरब डॉलर था, जो अब 1 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच चुका है। पिछले एक साल में कंपनी का शेयर करीब 36% चढ़ा है।

इसी बीच, Flipkart में नेतृत्व स्तर पर बदलाव भी देखने को मिले हैं। Doug McMillon, Kathryn McLay और Judith McKenna जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के बाहर होने से कंपनी के लिए चुनौतियां बढ़ी हैं। इसके बावजूद Kalyan Krishnamurthy के नेतृत्व में Flipkart ने अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखी है और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म “Minutes” जैसे नए कारोबार तेजी से बढ़ा रहा है।