विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 31 जुलाई को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में खरीदारी जारी रखी। एक्सचेंज के अस्थायी आंकड़ों के अनुसार, FIIs ने शुद्ध रूप से ₹277.48 करोड़ के शेयर खरीदे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी मजबूत निवेश जारी रखते हुए ₹2,260.37 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। इससे बाजार में निवेशकों का भरोसा और मजबूत होता दिखा।
आंकड़ों के मुताबिक, DIIs ने दिनभर में ₹19,885.80 करोड़ के शेयर खरीदे, जबकि ₹17,625.43 करोड़ के शेयर बेचे। दूसरी ओर, FIIs ने ₹19,045.51 करोड़ की खरीदारी और ₹18,768.03 करोड़ की बिकवाली की, जिससे उनका शुद्ध निवेश ₹277.48 करोड़ रहा।
जुलाई के शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद विदेशी निवेशकों की वापसी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। हालांकि, वर्ष 2026 में अब तक FIIs भारतीय शेयरों से करीब ₹3.43 लाख करोड़ की शुद्ध निकासी कर चुके हैं। इसके विपरीत, DIIs ने लगभग ₹4.90 लाख करोड़ का निवेश किया है, जिससे घरेलू निवेशकों ने बाजार को लगातार मजबूत समर्थन दिया है।
31 जुलाई को भारतीय शेयर बाजार भी मजबूती के साथ बंद हुआ। बीएसई सेंसेक्स 236.31 अंक बढ़कर 78,930.67 पर और एनएसई निफ्टी 50 77.70 अंक चढ़कर 24,384.30 पर बंद हुआ। मजबूत जून तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की नरम कीमतों और बेहतर वैश्विक संकेतों ने बाजार की धारणा को सहारा दिया।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, मजबूत घरेलू आर्थिक संकेतक और बेहतर कॉरपोरेट नतीजे निवेशकों का भरोसा बनाए हुए हैं। उनका मानना है कि आने वाले दिनों में RBI की मौद्रिक नीति, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज PMI, कच्चे तेल की कीमतें तथा पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। साथ ही, आगामी IPO लिस्टिंग्स भी निवेशकों की दिलचस्पी बनाए रख सकती हैं।

