टेक्नोलॉजी आधारित मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म Zetwerk Manufacturing Business Ltd ने IPO को लेकर बाजार नियामक SEBI के पास अपडेटेड ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए हैं। कंपनी ₹2,600 करोड़ का फ्रेश इश्यू लाने की तैयारी में है। इसके अलावा IPO में प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशकों की ओर से 9.68 करोड़ शेयरों का ऑफर फॉर सेल (OFS) भी शामिल होगा।
OFS के तहत प्रमोटर्स अमृत प्रताप आचार्य, श्रीनाथ रामकृष्णन और Creovate Innovation अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे। Peak XV, Accel, Lightspeed और Kae Capital भी बिक्री करने वाले शेयरधारकों में शामिल हैं।
फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम में से ₹1,250 करोड़ कंपनी के कर्ज चुकाने और ₹550 करोड़ उसकी सब्सिडियरी कंपनियों के कर्ज को कम करने में इस्तेमाल होंगे। बाकी रकम संभावित अधिग्रहण और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए रखी गई है।
Zetwerk के वित्तीय प्रदर्शन में भी मजबूत वृद्धि दिखी है। FY26 में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 40.4% बढ़कर ₹15,913 करोड़ हो गया, जबकि एडजस्टेड EBITDA ₹421 करोड़ रहा। कंपनी का मैन्युफैक्चरिंग ऑर्डर बुक भी बढ़कर ₹12,370 करोड़ पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजारों से FY26 में करीब 30% मैन्युफैक्चरिंग रेवेन्यू आया।
कंपनी के पास भारत, अमेरिका, जर्मनी और स्पेन में 26 मैन्युफैक्चरिंग सुविधाएं हैं और यह 6,979 थर्ड-पार्टी सप्लायर्स के नेटवर्क के साथ काम करती है। Zetwerk का कारोबार रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस, डिफेंस, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑयल एंड गैस और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में है।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर और इलेक्ट्रॉनिक्स में बढ़ती मांग, सप्लाई-चेन डायवर्सिफिकेशन और भारत के मैन्युफैक्चरिंग विस्तार के बीच यह Zetwerk IPO निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन सकता है। हालांकि, IPO में निवेश का फैसला करने से पहले वैल्यूएशन, कर्ज और OFS की शर्तों पर नजर रखना अहम होगा।

