Tata Sons IPO से Tata कंपनियों में खुल सकता है ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा का वैल्यू अनलॉक

Tata Sons IPO से Tata कंपनियों में खुल सकता है ₹1 लाख करोड़ से ज्यादा का वैल्यू अनलॉक

टाटा समूह की कंपनियों में लंबे समय से फंड़ी पूंजी को अब Tata Sons IPO के जरिए वैल्यू अनलॉक होने का मौका मिल सकता है। टाटा समूह की 9 कंपनियों के पास Tata Sons में कुल 12.83% हिस्सेदारी है। इनमें 7 कंपनियां लिस्टेड हैं और अकेले इनकी हिस्सेदारी 11.9% है।

लिस्टेड कंपनियों में Tata Steel और Tata Motors की 3.06%-3.06%, Tata Chemicals की 2.53%, Tata Power की 1.65%, Indian Hotels की 1.11%, Tata Consumer Products की 0.43% और Tata Investment Corporation की 0.08% हिस्सेदारी है। बाकी 0.93% दो अनलिस्टेड कंपनियों के पास है।

अगर Tata Sons की वैल्यूएशन कम से कम ₹10 लाख करोड़ मानी जाए, तो Tata Steel और Tata Motors की हिस्सेदारी करीब ₹30,600 करोड़ प्रत्येक होगी। यह उनकी मौजूदा मार्केट कैप का क्रमशः करीब 13% और 28% है।

सबसे बड़ा असर Tata Chemicals पर दिख सकता है। कंपनी की ₹15,594 करोड़ की मार्केट कैप के मुकाबले Tata Sons में उसकी हिस्सेदारी की अनुमानित वैल्यू ₹25,300 करोड़ बैठती है। यानी हिस्सेदारी की कीमत कंपनी की अपनी मार्केट कैप से भी ज्यादा है।

Tata Sons Listing से बाजार को पहली बार कंपनी के शेयरों की मार्केट-आधारित कीमत मिल सकती है। 1995-96 में खरीदी गई ये हिस्सेदारियां करीब तीन दशक से इलिक्विड एसेट बनी हुई हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक IPO से 1.2 करोड़ से अधिक पब्लिक शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉकिंग का रास्ता खुल सकता है। हालांकि Tata Sons पर होल्डिंग-कंपनी डिस्काउंट लागू होने की संभावना एक महत्वपूर्ण जोखिम बनी रहेगी।

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