केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में बढ़ती चीनी कीमतों पर लगाम लगाने और उपलब्धता बढ़ाने के लिए 31 अक्टूबर 2026 तक 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के ड्यूटी-फ्री आयात की अनुमति दी है। यह आयात Tariff Rate Quota (TRQ) के तहत किया जाएगा। DGFT ने गुरुवार, 20 अगस्त को इसकी अधिसूचना जारी की।
घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बीच यह कदम उठाया गया है। उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, ऑल-इंडिया औसत एक्स-मिल कीमत मंगलवार को ₹5,400-5,500 प्रति क्विंटल पहुंच गई, जबकि एक साल पहले यह करीब ₹3,900 थी। वहीं, 18 अगस्त तक खुदरा चीनी की कीमत सालाना आधार पर करीब 13% बढ़कर ₹52.30 प्रति किलो हो गई, जो पिछले साल ₹46.34 थी।
सरकार ने 10 टन से अधिक मासिक खपत करने वाले बल्क कंज्यूमर्स के लिए स्टॉक लिमिट भी तय की है। 1 सितंबर से 30 नवंबर तक ऐसे उपभोक्ता अधिकतम 15 दिनों की खपत के बराबर चीनी ही रख सकेंगे। इसमें कन्फेक्शनरी, सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियां, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और मिठाई विक्रेता शामिल हैं।
2026-27 सीजन में शुरुआती स्टॉक को लेकर चिंता है। उद्योग के अनुमान के मुताबिक यह 40-42 लाख टन रह सकता है, जबकि कुछ आकलन इसे 32-35 लाख टन बताते हैं। घरेलू जरूरत करीब 50 लाख टन आंकी गई है।
TRQ के लिए मिलर्स और रिफाइनर्स 21 से 28 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार ने उन आयातकों को प्राथमिकता देने की बात कही है जो 15 अक्टूबर तक आयात पूरा करने का आश्वासन देंगे।

