SEBI का Angel Funds को बड़ा राहत पैकेज, Accredited Investor नियम की समयसीमा 7 महीने बढ़ी

SEBI का Angel Funds को बड़ा राहत पैकेज, Accredited Investor नियम की समयसीमा 7 महीने बढ़ी

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने मौजूदा Angel Funds को नए Accredited Investor नियमों का पालन करने के लिए करीब सात महीने की अतिरिक्त मोहलत दी है। इस फैसले से शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स में निवेश करने वाले फंडों को संशोधित नियामकीय ढांचे में बदलाव के लिए अधिक समय मिलेगा।

SEBI के नए टाइमलाइन के अनुसार, 10 सितंबर 2025 या उससे पहले पंजीकृत Angel Funds को अब 31 मार्च 2027 तक Accredited Investor की अनिवार्यता लागू करनी होगी। इससे पहले यह समयसीमा 8 सितंबर 2026 थी। SEBI ने बताया कि यह विस्तार Alternative Investment Fund (AIF) इंडस्ट्री की ओर से मिली मांगों के बाद किया गया है।

संक्रमण अवधि के दौरान पुराने Angel Funds अधिकतम 200 गैर-अक्रेडिटेड निवेशकों को निवेश का अवसर दे सकते हैं। हालांकि, 31 मार्च 2027 के बाद ये फंड किसी Investee Company में निवेश के लिए गैर-अक्रेडिटेड निवेशकों से नया योगदान स्वीकार नहीं कर सकेंगे।

मौजूदा निवेशकों के पहले से किए गए निवेश पर इस बदलाव का तत्काल असर नहीं होगा। वे अपने निवेश को Private Placement Memorandum (PPM) और अन्य फंड दस्तावेजों की शर्तों के अनुसार जारी रख सकेंगे।

वहीं, 10 सितंबर 2025 के बाद SEBI में पंजीकृत नए Angel Funds पर Accredited Investor की शर्त पहले से लागू है और उन्हें केवल ऐसे निवेशकों को अवसर देना होगा।

Angel Funds आमतौर पर Startups, शुरुआती चरण की कंपनियों और उच्च जोखिम वाले कारोबारों में निवेश करते हैं। Accredited Investor व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे निवेशकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है, जिनके पास जोखिम उठाने के लिए पर्याप्त वित्तीय क्षमता और समझ हो। SEBI का यह सर्कुलर तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।