सरकार LIC में 6.5% हिस्सेदारी बेचेगी, ₹31,400 करोड़ जुटाने की तैयारी; 10% डिस्काउंट पर आएगा OFS

सरकार LIC में 6.5% हिस्सेदारी बेचेगी, ₹31,400 करोड़ जुटाने की तैयारी; 10% डिस्काउंट पर आएगा OFS

केंद्र सरकार देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी LIC में अपनी हिस्सेदारी बेचकर करीब ₹31,400 करोड़ (3.3 अरब डॉलर) जुटाने की तैयारी में है। यह बिक्री ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए की जाएगी और शेयरों का इश्यू प्राइस ₹382 प्रति शेयर रखा गया है, जो सोमवार के बंद भाव से लगभग 10% कम है।

स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार पहले चरण में 2.5% हिस्सेदारी बेचेगी। यदि निवेशकों की मांग मजबूत रहती है तो अतिरिक्त 4% हिस्सेदारी भी बेचने का विकल्प रखा गया है। यह OFS मंगलवार से खुलेगा और बुधवार को बंद होगा।

फिलहाल केंद्र सरकार के पास LIC में 96.5% हिस्सेदारी है। नियामकीय नियमों के तहत सरकार को 2032 तक अपनी हिस्सेदारी घटाकर 75% करनी होगी, ताकि न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता (Minimum Public Shareholding) की शर्त पूरी हो सके। यही वजह है कि सरकार चरणबद्ध तरीके से हिस्सेदारी बेच रही है।

LIC भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है और प्रीमियम आय के आधार पर उसकी बाजार हिस्सेदारी 56% से अधिक है। मार्च 2026 के अंत तक कंपनी के एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) ₹57.29 लाख करोड़ (करीब 600 अरब डॉलर) रहे, जो इसकी मजबूत बाजार स्थिति को दर्शाते हैं।

सरकार ने 2022 में LIC के IPO के दौरान 3.5% हिस्सेदारी बेचकर 2.7 अरब डॉलर से अधिक जुटाए थे। वहीं, 2026 में अब तक सरकार कोचीन शिपयार्ड, IRFC, NHPC और कोल इंडिया जैसी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर ₹21,000 करोड़ से अधिक जुटा चुकी है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, बड़े आकार के OFS में डिस्काउंट प्राइसिंग अपनाने से निवेशकों की भागीदारी बढ़ती है और सरकार के विनिवेश कार्यक्रम को सफल बनाने में मदद मिलती है। इस साल अब तक निफ्टी 50 में 5.25% की गिरावट के मुकाबले LIC का शेयर केवल करीब 0.5% कमजोर हुआ है, जिससे कंपनी की अपेक्षाकृत स्थिर प्रदर्शन क्षमता भी सामने आती है।