भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India) की FCNR(B) डिपॉजिट स्वैप स्कीम ने एनआरआई निवेशकों के लिए एक बड़ा अवसर पैदा कर दिया है। विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत अब भारतीय बैंक ब्याज दरों में तेज बढ़ोतरी कर रहे हैं।
HDFC Bank ने 3 से 5 साल की FCNR(B) जमा पर ब्याज दर 200 बेसिस पॉइंट से ज्यादा बढ़ाकर 6% कर दी है, जबकि YES Bank 6.5% से 6.6% तक रिटर्न ऑफर कर रहा है। यह अमेरिकी बैंकों की 4.2%-4.5% दरों से काफी ज्यादा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि असली कमाई सिर्फ ब्याज से नहीं, बल्कि लीवरेज से हो सकती है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई NRI अपने $1 मिलियन के निवेश के साथ विदेश में कम ब्याज पर $10 मिलियन का कर्ज लेकर कुल $11 मिलियन FCNR(B) में लगाता है, तो पहले साल में उसे $660,000 का ब्याज मिल सकता है। वहीं कर्ज की लागत करीब $450,000 होगी, जिससे $210,000 का शुद्ध लाभ बनता है।
तीन साल में यह रणनीति कुल $1.7 मिलियन तक का मुनाफा दे सकती है, जो करीब 19.3% सालाना कंपाउंडेड रिटर्न के बराबर है। ब्रोकरेज फर्म Jefferies के मुताबिक, 7-10x लीवरेज के साथ निवेशक 17%-27% तक डॉलर IRR कमा सकते हैं।
Emkay Global Financial Services का अनुमान है कि इस स्कीम से भारत में $50-55 बिलियन तक विदेशी निवेश आ सकता है। 2013 में इसी योजना के तहत $26 बिलियन का प्रवाह आया था। जानकार मानते हैं कि बढ़ती ब्याज दरों और RBI की गारंटी व्यवस्था से यह स्कीम फिर से विदेशी निवेश आकर्षित कर सकती है।

