सरकारी बीमा कंपनी LIC के शेयरों में शुक्रवार को करीब 50% की तेज गिरावट देखने को मिली, लेकिन यह गिरावट वास्तविक नुकसान नहीं बल्कि कंपनी के पहले 1:1 बोनस इश्यू के कारण हुई तकनीकी एडजस्टमेंट है। बोनस इश्यू के लिए 29 मई को रिकॉर्ड डेट तय की गई थी और इसी दिन से शेयर ex-bonus ट्रेड करने लगा।
शुक्रवार सुबह LIC का शेयर करीब 49.87% गिरकर 416.10 रुपये पर ट्रेड करता दिखा। हालांकि यह गिरावट शेयरधारकों की वैल्यू में कमी नहीं दर्शाती। 1:1 बोनस इश्यू के तहत निवेशकों को हर एक शेयर पर एक अतिरिक्त शेयर मिलेगा, जिससे कुल शेयरों की संख्या दोगुनी हो जाएगी और उसी अनुपात में शेयर कीमत एडजस्ट हुई है।
बोनस एडजस्टमेंट के बाद देखा जाए तो LIC का शेयर आज हल्की बढ़त में था और करीब 0.2% ऊपर कारोबार कर रहा था। पिछले एक साल में यह स्टॉक लगभग 11.9% नीचे रहा है।
LIC ने अप्रैल में अपने पहले बोनस इश्यू का ऐलान किया था। 2022 में लिस्टिंग के बाद यह कंपनी का पहला बड़ा कॉरपोरेट एक्शन माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बोनस इश्यू से शेयर की लिक्विडिटी बढ़ सकती है और रिटेल निवेशकों की भागीदारी मजबूत हो सकती है।
यह कदम कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों के बाद आया है। LIC ने Q4 FY26 में करीब 23,420 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 23% ज्यादा रहा। कंपनी ने 10 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है।
एक्स-बोनस एडजस्टमेंट के बाद LIC का मार्केट कैप करीब 2.65 लाख करोड़ रुपये रहा, जिससे यह देश की सबसे बड़ी लिस्टेड वित्तीय कंपनियों में बनी हुई है।

