अमेरिका-ईरान शांति समझौता पक्का, युद्धविराम से तेल बाजार और ग्लोबल निवेशकों को बड़ी राहत

अमेरिका-ईरान शांति समझौता पक्का, युद्धविराम से तेल बाजार और ग्लोबल निवेशकों को बड़ी राहत

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बाद आखिरकार एक बड़ा शांति समझौता हो गया है। पाकिस्तान की मध्यस्थता में दोनों देशों ने “तत्काल और स्थायी” सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई है। इस समझौते की आधिकारिक साइनिंग 19 जून को स्विट्जरलैंड में होने वाली है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने इस डील की पुष्टि करते हुए कहा कि यह पश्चिम एशिया में तीन महीने से जारी संघर्ष को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस समझौते की पुष्टि की और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से वैश्विक शिपिंग के लिए खोलने का आदेश दिया।

होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के करीब 20% तेल और LNG सप्लाई गुजरती है। इस रूट के खुलने से वैश्विक क्रूड सप्लाई चेन सामान्य होने की उम्मीद है, जिससे तेल की कीमतों में अस्थिरता कम हो सकती है। पिछले तीन महीनों के युद्ध के दौरान ब्रेंट क्रूड में लगभग 18% तक उछाल देखा गया था।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता केवल ऊर्जा बाजार ही नहीं, बल्कि टेक और AI इंडस्ट्री के लिए भी अहम है। AI डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर निर्माण और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर काफी हद तक स्थिर ऊर्जा लागत पर निर्भर हैं। अगर तेल और गैस कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो AI कंपनियों की ऑपरेटिंग लागत में राहत मिल सकती है।

निवेशकों के लिए यह डील भू-राजनीतिक जोखिम घटाने और वैश्विक बाजारों में स्थिरता लौटाने का संकेत मानी जा रही है।