Coal India Limited अपनी दो प्रमुख सहायक कंपनियों Mahanadi Coalfields Limited (MCL) और South Eastern Coalfields Limited (SECL) में हिस्सेदारी बिक्री की तैयारी कर रही है। यह कदम भारत सरकार की उस रणनीतिक योजना का हिस्सा है, जिसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSUs) की वैल्यू अनलॉक करने के लिए उनकी सहायक कंपनियों को शेयर बाजार में सूचीबद्ध (List) किया जाएगा।
कोल इंडिया के बोर्ड ने मार्च 2026 में हुई बैठक में MCL और SECL में 25% तक इक्विटी हिस्सेदारी बेचने के लिए “सैद्धांतिक मंजूरी” (In-Principle Approval) दे दी है।
MCL और SECL दोनों कंपनियां IPO के माध्यम से शेयर बाजार में उतरेंगी। इसमें:
- Coal India द्वारा Offer For Sale (OFS)
- तथा सहायक कंपनियों द्वारा Fresh Issue शामिल हो सकता है।
- Bharat Coking Coal Limited (BCCL) और Central Mine Planning and Design Institute Limited (CMPDIL) की लिस्टिंग प्रक्रिया पहले से आगे बढ़ चुकी है।
- BCCL ने मई 2025 में DRHP दाखिल किया था और इसके मार्च 2026 तक लिस्ट होने की संभावना है।
- CMPDIL के लिए भी 7.14 करोड़ शेयरों के OFS की तैयारी चल रही है।
कोल इंडिया (CIL) अपने दो सबसे बड़े ‘कैश-काऊ’ (अधिक मुनाफा देने वाली इकाइयां) को लिस्ट कर रही है। दोनों के लिए योजना अलग-अलग है:
| कंपनी का नाम | हिस्सेदारी बिक्री (OFS) | अतिरिक्त योजना (Fresh Issue) | महत्व |
|---|---|---|---|
| Mahanadi Coalfields (MCL) | 25% तक | कोई नया शेयर जारी नहीं होगा (Pure OFS) | CIL की सबसे अधिक लाभदायक सहायक कंपनी |
| South Eastern Coalfields (SECL) | 25% तक | 10% नए शेयर जारी किए जाएंगे | छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में 60 से अधिक खदानों का संचालन |
विश्लेषकों का मानना है कि इन कंपनियों की अलग-अलग लिस्टिंग होने पर “Sum-of-the-Parts” (SOTP) आधार पर Coal India की कुल वैल्युएशन बढ़ सकती है। कई बार सहायक कंपनियों की स्वतंत्र मार्केट वैल्यू, पेरेंट कंपनी की मौजूदा वैल्युएशन से अधिक निकलती है।
भारत सरकार PSU reforms और disinvestment roadmap के तहत:
- 2030 तक Coal India की सभी 8 subsidiaries को लिस्ट करना चाहती है।
- इससे:
- PSU transparency बढ़ेगी
- market-driven valuation मिलेगी
- retail investors की भागीदारी बढ़ेगी
- सरकार को विनिवेश से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा
यह कदम भारत के PSU सेक्टर में बड़े structural reforms की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे Coal India और उसकी सहायक कंपनियों की वास्तविक बाजार वैल्यू सामने आ सकती है।

