वेदांता लिमिटेड की बहुप्रतीक्षित डीमर्जर प्रक्रिया अब अपने आखिरी चरण में पहुंच गई है। कंपनी की चार नई अलग-अलग इकाइयां 15 जून 2026 को शेयर बाजार में लिस्ट होने जा रही हैं। Vedanta Limited के इस कदम को भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास के बड़े पुनर्गठन में गिना जा रहा है।
BSE और NSE ने पुष्टि की है कि Vedanta Oil and Gas, Vedanta Power, Vedanta Aluminium Metal और Vedanta Iron and Steel सोमवार को ट्रेडिंग शुरू करेंगी। शुरुआती 10 ट्रेडिंग सेशंस के लिए इन सभी शेयरों को Trade-for-Trade (T2T) सेगमेंट में रखा गया है, जहां केवल डिलीवरी आधारित ट्रेडिंग होगी और इंट्राडे की अनुमति नहीं होगी।
विश्लेषकों के मुताबिक, यह व्यवस्था शुरुआती अस्थिरता को नियंत्रित करने और बेहतर प्राइस डिस्कवरी सुनिश्चित करने के लिए लागू की जाती है। BSE ने बताया कि लिस्टिंग के दिन इन शेयरों के लिए स्पेशल प्री-ओपन सेशन भी होगा।
30 अप्रैल 2026 से वेदांता का शेयर एक्स-डीमर्जर आधार पर ट्रेड हो रहा है। डीमर्जर स्कीम के तहत निवेशकों को 1:1 अनुपात में चार नई कंपनियों के शेयर आवंटित किए गए हैं। इसका मतलब है कि हर एक वेदांता शेयरधारक को प्रत्येक नई इकाई में समान हिस्सेदारी मिली है।
डीमर्जर के बाद वेदांता समूह कुल पांच स्वतंत्र कंपनियों में बंट जाएगा। मूल कंपनी अब अपने Hindustan Zinc, कॉपर, फेरोक्रोम और क्रिटिकल मिनरल्स बिजनेस पर फोकस करेगी। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह संरचना बिजनेस वैल्यू अनलॉक करने, बेहतर फोकस और निवेशकों के लिए स्पष्ट ग्रोथ अवसर पैदा कर सकती है।

