भारत के तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स सेक्टर में Zepto के बहुप्रतीक्षित IPO से पहले निवेशकों की नजर अब इस बात पर है कि Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart में असली बाजार लीडर कौन है। Zepto करीब ₹8,010 करोड़ के फ्रेश इश्यू और 11.34 करोड़ शेयरों के ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए पूंजी जुटाने की तैयारी में है, जबकि इसकी लिस्टिंग जुलाई 2026 में होने की संभावना जताई जा रही है।
Zepto के DRHP के मुताबिक, भारत का क्विक कॉमर्स बाजार 2025 में $11.3 बिलियन के GMV तक पहुंच चुका है और 2030 तक यह 5 से 7 गुना बढ़कर $60-83 बिलियन तक जा सकता है। ऐसे में Blinkit, Zepto और Instamart के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है।
वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो Blinkit फिलहाल सबसे आगे है। FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹37,779 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 625% की वृद्धि दिखाता है। Blinkit का Adjusted EBITDA घाटा सिर्फ ₹277 करोड़ रहा और पिछले दो क्वार्टर में यह मुनाफे में भी पहुंच चुका है।
वहीं Zepto का रेवेन्यू 103% बढ़कर ₹22,623 करोड़ हो गया, लेकिन कंपनी का घाटा ₹5,041 करोड़ तक पहुंच गया, जो तेज विस्तार और ग्राहक अधिग्रहण की भारी लागत को दर्शाता है। दूसरी ओर Instamart का रेवेन्यू ₹3,859 करोड़ रहा और उसका घाटा ₹3,511 करोड़ दर्ज किया गया।
ऑपरेशनल स्तर पर Blinkit ने FY26 में 91.6 करोड़ ऑर्डर पूरे किए और 2,243 डार्क स्टोर्स के साथ सबसे बड़ा नेटवर्क बनाया। Zepto ने 4.7 करोड़ ट्रांजैक्टिंग यूजर्स के साथ ग्राहक पहुंच में बढ़त बनाई, जबकि Instamart का औसत ऑर्डर वैल्यू ₹700 रहा, जो दोनों प्रतिद्वंद्वियों से अधिक है।
इन आंकड़ों से साफ है कि Blinkit अभी स्केल और प्रॉफिटेबिलिटी के मामले में सबसे मजबूत खिलाड़ी है, जबकि Zepto तेजी से बाजार हिस्सेदारी बढ़ा रहा है। आने वाला Zepto IPO निवेशकों के लिए इस सेक्टर की असली क्षमता को परखने का बड़ा अवसर बन सकता है।

