टाटा समूह से जुड़ा एक पुराना शेयर ट्रांसफर मामला फिर चर्चा में आ गया है। Sir Ratan Tata Trust (SRTT) के ट्रस्टीज, जिनमें Noel Tata और N. Chandrasekaran शामिल हैं, को एक कानूनी नोटिस भेजा गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि 1989 में Navajbai Ratan Tata Trust (NR Tata Trust) के पास मौजूद Tata Sons के 833 शेयर दिवंगत Naval H. Tata को कथित तौर पर अनियमित तरीके से ट्रांसफर किए गए थे।
यह नोटिस अधिवक्ता कात्यायनी अग्रवाल ने सुनील तुलसीराम पाटिलखेड़े की ओर से जारी किया है। आरोप है कि शेयर ट्रांसफर बिना उचित मूल्य, बिना ट्रस्टी मंजूरी और बिना जरूरी ट्रांसफर दस्तावेजों के किया गया। नोटिस के अनुसार Tata Sons के शेयर रजिस्टर में इस ट्रांसफर का consideration “Nil” दर्ज किया गया था।
मामले में कहा गया है कि NR Tata Trust की स्थापना दिसंबर 1974 में Ratan Tata ने एक सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में की थी। उसी महीने Sir Ratan Tata Trust ने इस ट्रस्ट को Tata Sons के 625 इक्विटी शेयर और 34 प्रेफरेंस शेयर कॉर्पस डोनेशन के रूप में दिए थे। बाद में 1979 में बोनस शेयर मिलने के बाद कुल हिस्सेदारी बढ़कर 833 इक्विटी शेयर हो गई।
नोटिस में दावा किया गया है कि 11 जनवरी 1989 को Naval H. Tata के ट्रस्टी पद छोड़ने के सिर्फ एक सप्ताह बाद, 18 जनवरी 1989 को ये शेयर उनके व्यक्तिगत नाम पर ट्रांसफर कर दिए गए। आरोप है कि इस प्रक्रिया में Companies Act, 1956 के तहत जरूरी Form 7B और ट्रांसफर डीड का पालन नहीं किया गया।
यह विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि Tata Trusts के पास Tata Sons में करीब 52 प्रतिशत नियंत्रणकारी हिस्सेदारी है। हाल ही में बॉम्बे हाई कोर्ट में भी इन ट्रस्ट्स की बैठक रोकने की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने रोक लगाने से इनकार कर दिया।
कानूनी नोटिस में इसे fiduciary duty का उल्लंघन और related-party transaction बताया गया है। नोटिस में 15 दिनों के भीतर कथित नुकसान की भरपाई की मांग की गई है, अन्यथा सिविल और क्रिमिनल कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
फिलहाल Tata Trusts और Tata Sons की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

