Tata Power को $490 मिलियन का झटका, रूस के कोयला प्रोजेक्ट पर आर्बिट्रेशन अवॉर्ड चुनौती हारी

Tata Power को $490 मिलियन का झटका, रूस के कोयला प्रोजेक्ट पर आर्बिट्रेशन अवॉर्ड चुनौती हारी

टाटा पावर को रूस के एक कोयला प्रोजेक्ट से जुड़े विवाद में बड़ा कानूनी झटका लगा है। सिंगापुर इंटरनेशनल कमर्शियल कोर्ट ने कंपनी की $490 मिलियन आर्बिट्रेशन अवॉर्ड को चुनौती खारिज कर दी है। कोर्ट ने नुकसान की राशि पर कंपनी की आपत्ति और बहुमत वाले आर्बिट्रल आदेश में प्राकृतिक न्याय के उल्लंघन की दलील, दोनों को अस्वीकार कर दिया।

यह विवाद 2013 में शुरू हुआ था, जब Kleros Capital Partners ने टाटा पावर के सामने रूस में एक कोयला भंडार के लिए संयुक्त बोली लगाने का प्रस्ताव रखा था। Kleros के अनुमान के मुताबिक, इस खदान में करीब $1.1 बिलियन मूल्य के भंडार थे। दोनों कंपनियों ने सितंबर 2013 में चार साल की अवधि वाला नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट किया था।

2015 में बोली का नेतृत्व और प्रस्तावित परियोजना के स्वामित्व ढांचे को लेकर दोनों पक्षों में मतभेद बढ़ गए। अगले वर्ष साझेदारी समाप्त हो गई। दिसंबर 2017 में रूस में हुई सरकारी नीलामी में Kleros ने बोली नहीं लगाई, जबकि टाटा पावर की रूसी सहायक कंपनी ने बोली जीतकर खनन लाइसेंस हासिल किया। हालांकि, परियोजना को व्यावहारिक रूप से viable नहीं पाए जाने के बाद कंपनी ने लाइसेंस वापस कर दिया।

Kleros ने आरोप लगाया कि टाटा पावर ने गोपनीय जानकारी का गलत इस्तेमाल कर उसे परियोजना से बाहर किया। कोर्ट ने आर्बिट्रेशन अवॉर्ड बरकरार रखते हुए टाटा पावर को Kleros की कानूनी लागत भी चुकाने का आदेश दिया है, जिसकी राशि अभी तय नहीं हुई है।