नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के बहुप्रतीक्षित IPO को बाजार नियामक SEBI से मंजूरी मिल गई है। करीब ₹30,000 करोड़ का यह इश्यू पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा, जिसमें NSE के मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचकर वैल्यू अनलॉक करेंगे। मंजूरी के बाद 7 सितंबर को SBI, GIC Re, New India Assurance और IFCI जैसे शेयरों पर निवेशकों की नजर रहेगी।
इस प्रस्तावित IPO में करीब 14.89 करोड़ शेयर पेश किए जाएंगे। State Bank of India (SBI) लगभग 2.47 करोड़ NSE शेयर बेच सकता है, जबकि New India Assurance करीब 1.05 करोड़ और GIC Re लगभग 1.10 करोड़ शेयर ऑफलोड करने की तैयारी में हैं। Bank of Baroda भी करीब 1.10 करोड़ शेयर बेच सकता है। IFCI की NSE में अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी है, क्योंकि Stock Holding Corporation of India में उसकी 52.8% हिस्सेदारी है, जिसके पास NSE की करीब 4.4% हिस्सेदारी है।
सुबह 11:17 बजे IFCI का शेयर 1.61% बढ़कर ₹103.01 पर कारोबार कर रहा था। पिछले पांच सत्रों में इसमें 16% से अधिक और एक महीने में 39% से ज्यादा की तेजी आई है। वहीं SBI 1% से अधिक गिरकर ₹1,004.60, GIC Re 2% से ज्यादा गिरकर ₹350.35 और New India Assurance 1.25% नीचे ₹227.03 पर था।
NSE का ₹30,000 करोड़ IPO भारत का सबसे बड़ा IPO बन सकता है और 2024 के Hyundai Motor India के ₹27,858.75 करोड़ इश्यू को पीछे छोड़ सकता है। NSE ने Q1 FY27 में 7% बढ़कर ₹3,120 करोड़ का consolidated PAT दर्ज किया, जबकि कुल आय 9% बढ़कर ₹5,252 करोड़ रही।

