भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंकों में से एक HDFC Bank के शेयर सोमवार, 6 जुलाई को पहली तिमाही (Q1 FY27) के बिजनेस अपडेट के बाद करीब 3% तक उछल गए। एनएसई पर बैंक का शेयर कारोबार के दौरान 2.73% बढ़कर ₹822.95 तक पहुंचा। निवेशकों की सकारात्मक प्रतिक्रिया की वजह बैंक के मजबूत एडवांस, डिपॉजिट और एडवांस अंडर मैनेजमेंट के आंकड़े रहे।
स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार, जून 2026 के अंत तक बैंक का ग्रॉस एडवांस 15.4% बढ़कर ₹30.61 लाख करोड़ हो गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में ₹26.53 लाख करोड़ था। वहीं, पीरियड-एंड डिपॉजिट 14.7% की बढ़त के साथ लगभग ₹31.7 लाख करोड़ तक पहुंच गए।
बैंक के CASA (करंट अकाउंट और सेविंग अकाउंट) डिपॉजिट भी सालाना आधार पर 9.4% बढ़कर ₹10.25 लाख करोड़ हो गए। इसके अलावा, एडवांस अंडर मैनेजमेंट 12.4% बढ़कर ₹31.27 लाख करोड़ रहा, जबकि औसत एडवांस अंडर मैनेजमेंट 10.8% बढ़कर ₹30.38 लाख करोड़ दर्ज किया गया।
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मजबूत क्रेडिट ग्रोथ और स्थिर एसेट क्वालिटी के चलते बैंकिंग सेक्टर की पहली तिमाही के नतीजों को लेकर सकारात्मक माहौल बना हुआ है। HDFC Bank के ताजा बिजनेस आंकड़े भी इसी रुझान को मजबूत करते हैं।
हाल ही में बैंक ने पूर्व वित्त सचिव Rajiv Kumar को स्वतंत्र निदेशक और अंशकालिक चेयरमैन नियुक्त करने को मंजूरी दी है। इसके अलावा, Puneet Sharma को 1 सितंबर से CFO-डिज़ाइनेट नियुक्त किया गया है और वे 1 दिसंबर 2026 से मुख्य वित्तीय अधिकारी का पद संभालेंगे। मजबूत परिचालन प्रदर्शन और प्रबंधन स्तर पर हुए बदलावों पर अब निवेशकों की नजर आगामी तिमाही वित्तीय नतीजों पर रहेगी।

