CEAT ने FY26 में R&D पर ₹240 करोड़ खर्च किए, अंबरनाथ में नई लैब से तेज होगी स्पेशलिटी टायर डेवलपमेंट

CEAT ने FY26 में R&D पर ₹240 करोड़ खर्च किए, अंबरनाथ में नई लैब से तेज होगी स्पेशलिटी टायर डेवलपमेंट

टायर निर्माता CEAT Ltd ने वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) पर अपना निवेश बढ़ाकर ₹240 करोड़ कर दिया है। कंपनी की इंटीग्रेटेड एनुअल रिपोर्ट 2025-26 के अनुसार, यह राशि पिछले वित्त वर्ष के ₹224.30 करोड़ के मुकाबले अधिक है। कंपनी का कहना है कि यह निवेश उसकी इनोवेशन आधारित ग्रोथ रणनीति को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है।

रिपोर्ट के मुताबिक, FY26 में कुल R&D खर्च ₹24,046 लाख रहा, जिसमें ₹9,587 लाख पूंजीगत (Capital) खर्च और ₹14,459 लाख राजस्व (Revenue) खर्च शामिल है। हालांकि, शुद्ध बिक्री के अनुपात में R&D खर्च घटकर 1.56% रह गया, जो FY25 में 1.72% था।

कंपनी ने सितंबर 2025 में अंबरनाथ में नया कंपाउंड लैब शुरू किया, जिसे स्पेशलिटी टायर इनोवेशन, मटेरियल कैरेक्टराइजेशन और प्रोडक्ट वैलिडेशन के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बताया गया है। यह सुविधा OTR, कृषि, औद्योगिक टायर, रबर ट्रैक और सॉलिड टायर जैसे सेगमेंट में नए उत्पादों के विकास की गति बढ़ाने में मदद करेगी।

CEAT ने FY26 के दौरान 214 सक्रिय पेटेंट, 214 R&D प्रोजेक्ट, 8 नए पेटेंट और USD 317 मिलियन का न्यू प्रोडक्ट डेवलपमेंट (NPD) राजस्व दर्ज किया। कंपनी के अनुसार, डिजिटल टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के जरिए टाइम-टू-मार्केट में लगभग 30% की कमी आई, जबकि तकनीकी दक्षता से ₹105 करोड़ का लाभ हासिल हुआ।

कंपनी ने अपने टायर टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार किया है। इसमें कमर्शियल व्हीकल टायर परीक्षण के लिए भारत का पहला Scania 460 G 4×2 Prime Mover शामिल किया गया है, जिससे वैश्विक मानकों के अनुरूप टेस्टिंग, यूरोप और अमेरिका जैसे बाजारों के लिए होमोलोगेशन और डेवलपमेंट समय व लागत कम करने में मदद मिलेगी।

CEAT ने यह भी बताया कि उसके R&D सेंटर अब Gen AI, मशीन लर्निंग, सिमुलेशन टेक्नोलॉजी और पूरी तरह डिजिटल प्रोडक्ट डेवलपमेंट सिस्टम का उपयोग कर रहे हैं। इससे सुरक्षित, अधिक टिकाऊ और ऊर्जा-कुशल टायर विकसित करने के साथ-साथ नए उत्पादों को तेजी से बाजार में लाने की क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।