NSE IPO पर ब्रोकरेज बुलिश, ₹1,785 के भाव पर भी दिखा लंबी अवधि का निवेश मौका

NSE IPO पर ब्रोकरेज बुलिश, ₹1,785 के भाव पर भी दिखा लंबी अवधि का निवेश मौका

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आगामी IPO को लेकर ब्रोकरेज हाउस सकारात्मक नजर आ रहे हैं। उनका मानना है कि भारत के तेजी से बढ़ते Capital Markets और NSE की मजबूत बाजार हिस्सेदारी इसे लंबी अवधि में आकर्षक निवेश अवसर बना सकती है। SAMCO Securities ने NSE IPO को लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।

FY26 में NSE की कैश इक्विटी में 92.99%, इक्विटी फ्यूचर्स में 99.79% और इक्विटी ऑप्शंस में 74.71% बाजार हिस्सेदारी रही। SBI Securities ने NSE को अपने प्रतिस्पर्धियों के बीच “Best Franchise” बताया है। ब्रोकरेज के मुताबिक NSE की बड़ी स्केल, मजबूत लिक्विडिटी, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटीग्रेटेड क्लियरिंग सिस्टम इसकी प्रमुख ताकत हैं।

₹1,785 के अपर प्राइस बैंड पर NSE का वैल्यूएशन FY26 की कमाई के मुकाबले 42.9 गुना बैठता है, जो BSE के 49.3 गुना मौजूदा वैल्यूएशन से कम है। FY26 में NSE ने ₹16,601 करोड़ का ऑपरेशनल रेवेन्यू और ₹10,302 करोड़ का PAT दर्ज किया। ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन 66.9% और ROE 33% रहा।

FY27 की पहली तिमाही में भी ऑपरेशनल मोमेंटम मजबूत रहा। रेवेन्यू 13.1% और ऑपरेटिंग EBITDA 14.84% बढ़ा, जबकि कैश मार्केट का औसत दैनिक ट्रेडिंग वैल्यू 25.25% बढ़ा।

हालांकि, NSE IPO, NSE Share, Stock Market IPO, Capital Markets Growth और NSE Valuation से जुड़े निवेशकों के लिए सबसे बड़ा जोखिम डेरिवेटिव्स पर निर्भरता है। FY26 में ऑप्शंस से 60% ऑपरेशनल रेवेन्यू आया। ब्रोकरेज ने नियामकीय बदलाव और ट्रांजैक्शन टैक्स बढ़ने को संभावित जोखिम बताया है।

कुल मिलाकर, NSE की मजबूत बाजार स्थिति और भारत के कैपिटल मार्केट्स के विस्तार को देखते हुए ब्रोकरेज लंबी अवधि में सकारात्मक हैं, लेकिन बाजार हिस्सेदारी और ऑप्शंस पर निर्भरता निवेशकों के लिए प्रमुख मॉनिटर करने योग्य बिंदु रहेंगे।