भारत के वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह ने जून 2026 में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जून में कुल GST कलेक्शन 13.9% बढ़कर 1.95 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले 13 महीनों की सबसे तेज सालाना बढ़ोतरी है। एक साल पहले इसी महीने यह आंकड़ा 1.71 लाख करोड़ रुपये था।
इस तेज उछाल की सबसे बड़ी वजह आयात (Imports) से मिलने वाला GST राजस्व रहा। जून में इंपोर्ट से टैक्स कलेक्शन 34.6% बढ़कर 60,038 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि घरेलू GST संग्रह केवल 6.5% बढ़कर 1.35 लाख करोड़ रुपये रहा। इससे साफ है कि इस बार बाहरी व्यापार ने राजस्व वृद्धि में अहम भूमिका निभाई।
रिफंड को समायोजित करने के बाद नेट GST कलेक्शन 11.2% बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपये रहा। हालांकि, रिफंड भुगतान भी 29.1% बढ़कर 32,436 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जिससे कुल ग्रॉस कलेक्शन का फायदा कुछ हद तक कम हुआ।
राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश ने सबसे मजबूत प्रदर्शन किया। राज्य का GST कलेक्शन 19% बढ़कर 9,165 करोड़ रुपये हो गया। असम में 17%, पंजाब में 14% और गुजरात में 12% की वृद्धि दर्ज की गई। देश में सबसे बड़ा योगदान देने वाला महाराष्ट्र 9% बढ़त के साथ 30,714 करोड़ रुपये पर रहा।
हालांकि, कुछ बड़े राज्यों में कमजोरी भी दिखी। राजस्थान और मध्य प्रदेश में GST संग्रह 5% घटा, तमिलनाडु में 2% और झारखंड में 16% की गिरावट दर्ज हुई।
विशेषज्ञों के अनुसार, GST कलेक्शन में यह तेजी भारत की आर्थिक गतिविधियों और व्यापारिक मांग में मजबूती का संकेत है। हालांकि घरेलू खपत की अपेक्षाकृत धीमी रफ्तार आगे नीति निर्माताओं के लिए ध्यान का विषय रह सकती है।

