Adani Group और International Holding Company (IHC) ओडिशा में करीब 11.5 अरब डॉलर के निवेश के साथ एक विशाल एल्युमिनियम प्लांट स्थापित करने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह निवेश अगले कुछ वर्षों में चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और इसे भारत के मेटल्स और मिनरल्स सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा विदेशी निवेश माना जा रहा है।
प्रस्तावित प्लांट की सालाना उत्पादन क्षमता 20 लाख टन होगी। यह क्षमता भारत के मौजूदा एल्युमिनियम उत्पादन में कम से कम 50% की बढ़ोतरी कर सकती है। भारत ने वित्त वर्ष 2025 में 42 लाख टन एल्युमिनियम का उत्पादन किया था, जबकि घरेलू खपत 55 लाख टन रही, जो मांग और आपूर्ति के बीच अंतर को दिखाती है।
यह प्रोजेक्ट एक इंटीग्रेटेड स्मेल्टिंग और रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स होगा, जिसमें कैप्टिव पावर प्लांट भी शामिल रहेगा। लॉजिस्टिक्स सपोर्ट के लिए Adani Ports and Special Economic Zone के स्वामित्व वाले धामरा पोर्ट का उपयोग होने की संभावना है।
यह Adani Group का दूसरा बड़ा मेटल प्रोजेक्ट होगा, इससे पहले कंपनी ने गुजरात में अपना कॉपर प्लांट शुरू किया था। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि बढ़ती इलेक्ट्रिक व्हीकल, डेटा सेंटर और एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग से एल्युमिनियम की खपत तेजी से बढ़ेगी।
भारत का लक्ष्य FY47 तक वैश्विक एल्युमिनियम बाजार में 10% हिस्सेदारी हासिल करना है। इसके लिए उत्पादन क्षमता को 3.7 करोड़ टन तक बढ़ाना होगा। ऐसे में यह निवेश देश की इंडस्ट्रियल ग्रोथ और सप्लाई चेन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

