Persistent Systems का बड़ा दांव: जर्मन टेक कंपनी Nagarro खरीदने की पेशकश, बनेगी $2.9 अरब की AI पावरहाउस

Persistent Systems का बड़ा दांव: जर्मन टेक कंपनी Nagarro खरीदने की पेशकश, बनेगी $2.9 अरब की AI पावरहाउस

भारतीय आईटी कंपनी Persistent Systems ने जर्मनी की डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी Nagarro SE को खरीदने के लिए बड़ी चाल चली है। कंपनी ने 27 जून को Nagarro के सभी बकाया शेयर €81 प्रति शेयर नकद में खरीदने की स्वैच्छिक सार्वजनिक पेशकश की घोषणा की। यह किसी भारतीय आईटी कंपनी की सबसे बड़ी विदेशी डील्स में से एक मानी जा रही है।

यह ऑफर Nagarro के 25 जून के क्लोजिंग प्राइस से 140% प्रीमियम और पिछले तीन महीनों के औसत मूल्य से 94% ज्यादा है। डील के Q4 2026 या Q1 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है।

Persistent को Nagarro के सबसे बड़े शेयरधारक Lantano Beteiligungen GmbH का समर्थन मिल चुका है, जिसने अपनी 21% हिस्सेदारी बेचने पर सहमति दे दी है। Nagarro के बोर्ड ने भी इस सौदे का समर्थन किया है।

इस अधिग्रहण के बाद संयुक्त कंपनी का सालाना रेवेन्यू रन-रेट करीब $2.9 बिलियन होगा और 46,000 से ज्यादा कर्मचारी 40 से अधिक देशों में काम करेंगे। Persistent की यूरोप में हिस्सेदारी 9% से बढ़कर 22% हो जाएगी, जबकि उत्तरी अमेरिका से 62% आय बनी रहेगी।

Nagarro ने 2025 में लगभग €1 बिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया था, जबकि Persistent ने FY26 में $1.7 बिलियन की आय के साथ 17.4% सालाना ग्रोथ हासिल की। कंपनी लगातार 24 तिमाहियों से राजस्व वृद्धि दर्ज कर रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सौदा AI, क्लाउड, ERP और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मार्केट में Persistent की पकड़ मजबूत करेगा। संयुक्त इकाई का कुल एड्रेसेबल मार्केट (TAM) $1.4 ट्रिलियन से अधिक हो सकता है, जो आने वाले वर्षों में कंपनी की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को नई ऊंचाई दे सकता है।