भारत की प्रमुख इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर कंपनी Tata Electronics ने साइबर हमले के बाद डेटा लीक की पुष्टि कर दी है। यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब एक हैकर फोरम पर कंपनी के कथित तौर पर चोरी किए गए 630GB से अधिक डेटा और करीब 2.04 लाख फाइलों की बिक्री का दावा किया गया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, लीक हुए डेटा के सैंपल में Apple के सप्लायर स्पेसिफिकेशन और Tesla के मैन्युफैक्चरिंग दस्तावेज शामिल पाए गए हैं। हालांकि, इन दस्तावेजों की प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।
2020 में स्थापित टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स आज भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग विस्तार में अहम भूमिका निभा रही है। कंपनी देशभर में कई उत्पादन इकाइयाँ संचालित करती है और इसके पास 75,000 से अधिक कर्मचारी हैं। पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने Apple, Tesla, Intel, Qualcomm और ASML जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की है।
कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि यह साइबर सुरक्षा घटना कुछ हफ्ते पहले सामने आई थी और तुरंत रिस्पॉन्स प्रोटोकॉल सक्रिय कर दिए गए थे। कंपनी का कहना है कि इसके बिजनेस ऑपरेशंस पर कोई असर नहीं पड़ा है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स वैश्विक टेक सप्लाई चेन में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। 2023 में कंपनी ने Wistron के भारत कारोबार का अधिग्रहण किया था और बाद में Pegatron इंडिया में 60% हिस्सेदारी ली। ऐसे में यह डेटा लीक निवेशकों और टेक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ा जोखिम संकेत माना जा रहा है।

