TCS का Q1 प्रदर्शन मजबूत: राजस्व 2.7% बढ़ा, कंपनी ने 9,000 से ज्यादा नए कर्मचारी जोड़े

TCS का Q1 प्रदर्शन मजबूत: राजस्व 2.7% बढ़ा, कंपनी ने 9,000 से ज्यादा नए कर्मचारी जोड़े

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1) में 7.6 अरब डॉलर का राजस्व दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 2.7% अधिक है। हालांकि तिमाही-दर-तिमाही आधार पर आय लगभग स्थिर रही। कंपनी का प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब वैश्विक कंपनियां आर्थिक अनिश्चितताओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव के बीच अपने टेक्नोलॉजी खर्च की समीक्षा कर रही हैं।

स्थिर मुद्रा (Constant Currency) के आधार पर कंपनी का राजस्व तिमाही आधार पर 0.4% और सालाना आधार पर 3.2% बढ़ा। वहीं, एकमुश्त 668 करोड़ रुपये के कानूनी प्रावधान के कारण समेकित शुद्ध लाभ में पिछली तिमाही की तुलना में 2.7% की गिरावट दर्ज की गई। यह प्रावधान DXC Technology से जुड़े ट्रेड सीक्रेट्स मामले में अपील खारिज होने के बाद लिया गया।

कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन 24% रहा, जो पिछली तिमाही से 130 बेसिस प्वाइंट कम है। मुख्य वित्तीय अधिकारी समीर सेक्सरिया ने बताया कि सालाना वेतन वृद्धि का असर पहली तिमाही में दिखता है और आने वाली तिमाहियों में मार्जिन में सुधार की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य जल्द से जल्द 25% ऑपरेटिंग मार्जिन के करीब लौटना है।

TCS के CEO के. कृतिवासन ने कहा कि भू-राजनीतिक और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने मजबूती दिखाई है। COO आरती सुब्रमणियन के अनुसार, ग्राहक अब परिणाम-आधारित AI प्रोग्राम तेजी से अपना रहे हैं, जिससे उत्पादकता और डिजिटल बदलाव को गति मिल रही है।

तिमाही के दौरान TCS ने 9,279 नए कर्मचारियों को जोड़ा, जो लगभग चार वर्षों में सबसे बड़ी तिमाही भर्ती है। इसके साथ कंपनी का कुल कर्मचारी आधार बढ़कर 5,93,798 हो गया। इसी अवधि में करीब 14,000 कैंपस ग्रेजुएट्स को भी ऑनबोर्ड किया गया, जबकि स्वैच्छिक एट्रिशन घटकर 13.6% पर आ गया।

AI से नौकरियों पर पड़ने वाले असर को लेकर कृतिवासन ने कहा कि तकनीक रोजगार खत्म करने के बजाय नई भूमिकाएं पैदा करेगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, मॉडल ट्रेनिंग, टेस्टिंग, AI गवर्नेंस और लाइफसाइकिल मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में नई नौकरियों की मांग बढ़ेगी। यह संकेत देता है कि IT सेक्टर में AI निवेश बढ़ने के साथ कुशल प्रतिभाओं की आवश्यकता भी बनी रहेगी।