SEBI Study: Anchor Investors ने 1 साल में बेची आधी IPO हिस्सेदारी, FPI सबसे बड़े बिकवाल

SEBI Study: Anchor Investors ने 1 साल में बेची आधी IPO हिस्सेदारी, FPI सबसे बड़े बिकवाल

भारतीय IPO बाजार में Anchor Investors की हिस्सेदारी लंबे समय तक टिकने की धारणा को SEBI की नई स्टडी ने चुनौती दी है। SEBI के Department of Economic and Policy Analysis (DEPA) की स्टडी के मुताबिक, अप्रैल 2022 से अक्टूबर 2025 के बीच लिस्ट हुए 242 Mainboard IPOs में Anchor Investors ने एक साल के भीतर अपनी कुल आवंटित हिस्सेदारी का करीब आधा हिस्सा बेच दिया। Foreign Portfolio Investors (FPIs) इस बिक्री में सबसे आगे रहे।

स्टडी के अनुसार, 167 IPOs के एक साल के पूरे डेटा में Anchor Exit 30 दिनों पर करीब 4% से बढ़कर 60 दिनों में 9%, 90 दिनों में 19%, 180 दिनों में 34% और 365 दिनों में 51% हो गया। यानी अनिवार्य Lock-in Period खत्म होने के तुरंत बाद भारी बिकवाली नहीं हुई, लेकिन समय के साथ एंकर निवेशकों की निकासी तेज हुई।

Anchor Allotment में FPIs की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 43.8% थी, जबकि Mutual Funds की हिस्सेदारी 38.5% रही। एक साल में FPIs ने करीब ₹22,474 करोड़ की हिस्सेदारी बेची, जबकि Mutual Funds की बिक्री करीब ₹12,228 करोड़ रही। FPI Exit लगभग 60% तक पहुंचा, जबकि Mutual Funds का Exit 38% रहा।

SEBI ने IPO Size और बिक्री के बीच भी संबंध पाया। ₹250 करोड़ तक के छोटे IPOs में एक साल में 72.5% Anchor Holdings बिक चुकी थीं, जबकि ₹1,001–2,500 करोड़ वाले IPOs में यह आंकड़ा 40.8% रहा।

स्टडी में Anchor Selling और Stock Price Pressure के बीच संबंध भी दिखा। 10% से अधिक Anchor Portion बिकने वाले शेयरों में T+29 से T+33 के बीच औसत गिरावट करीब 3.5% रही, जबकि 2.5% तक बिक्री वाले शेयरों में गिरावट सिर्फ 0.4% थी।