भारत की वैश्विक आर्थिक रैंकिंग को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत 2025 में दुनिया की छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। इससे 2028 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य फिलहाल चुनौतीपूर्ण नजर आ रहा है।
IMF के अनुसार, 2025 में भारत की जीडीपी लगभग 3.92 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है, जो यूके के 4 ट्रिलियन डॉलर से कम है। जापान 4.44 ट्रिलियन डॉलर के साथ चौथे स्थान पर बना हुआ है। वहीं, अमेरिका 30.8 ट्रिलियन डॉलर के साथ शीर्ष पर है, उसके बाद चीन (19.6 ट्रिलियन डॉलर) और जर्मनी (4.7 ट्रिलियन डॉलर) हैं।
2024 में भारत 3.5 ट्रिलियन डॉलर के साथ पांचवें स्थान पर था और यूके को पीछे छोड़ चुका था। लेकिन इस बार गिरावट की मुख्य वजह रुपये में कमजोरी और डॉलर की मजबूती रही है। वैश्विक जीडीपी रैंकिंग डॉलर में तय होती है, इसलिए विनिमय दर का सीधा असर पड़ा है।
पिछले एक साल में भारतीय रुपया दबाव में रहा है। अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी और सुरक्षित निवेश की मांग ने डॉलर को मजबूत किया, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राएं कमजोर हुईं।
विशेषज्ञों के मुताबिक, बेस ईयर में बदलाव और करीब 11% रुपये की गिरावट ने भी रैंकिंग को प्रभावित किया। IDFC First Bank की मुख्य अर्थशास्त्री Gaura Sengupta के अनुसार, इन दोनों कारकों ने भारत की स्थिति कमजोर की।
हालांकि, भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। अनुमान है कि 2026-27 तक भारत 4 ट्रिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर सकता है, लेकिन वैश्विक रैंकिंग बाहरी कारकों पर निर्भर करेगी।

