अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा generic drug imports पर भारी टैरिफ लगाने की योजना के बाद बुधवार, 22 जुलाई को भारतीय फार्मा शेयरों में गिरावट देखने को मिली। Sun Pharma, Dr Reddy’s Laboratories, Lupin, Aurobindo Pharma और Cipla समेत कई प्रमुख कंपनियों के शेयर दबाव में कारोबार कर रहे थे।
ट्रंप ने Truth Social पर कहा कि 1 अगस्त 2026 से अमेरिका में आने वाली generic drugs पर दो साल तक 0% टैरिफ रहेगा। इसके बाद एक साल के लिए टैरिफ 100% और फिर 200% तक बढ़ाया जाएगा। इस नीति का उद्देश्य अमेरिका में generic pharmaceutical production को बढ़ावा देना और कंपनियों को स्थानीय स्तर पर प्लांट और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता स्थापित करने के लिए प्रेरित करना है।
इस खबर के बाद NIFTY PHARMA इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 1.73% तक गिरकर 25,639.70 के स्तर पर आ गया। इंडेक्स के 20 में से 19 शेयर लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। Aurobindo Pharma 2.16%, Sun Pharma 1% से अधिक, Dr Reddy’s करीब 1%, Cipla 1.2% से अधिक और Lupin लगभग 2.5% नीचे था।
भारत दुनिया के सबसे बड़े generic drug producers में शामिल है और अमेरिका भारतीय फार्मास्युटिकल निर्यात का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा रखता है। INVAsset PMS के Harshal Dasani के अनुसार, दो साल की tariff-free अवधि राहत से ज्यादा कंपनियों के लिए अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाने की समयसीमा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, commoditised US generics पर अधिक निर्भर कंपनियां सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं, जबकि अमेरिका में पहले से manufacturing facilities, complex generics और specialty portfolios वाली कंपनियों को फायदा मिल सकता है। हालांकि, 200% टैरिफ लागू होने से पहले नीति में बदलाव की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

