राजेश पावर सर्विसेज (Rajesh Power Services Limited) को गुजरात में बिजली वितरण नेटवर्क के आधुनिकीकरण के लिए बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि उसे पश्चिम गुजरात विज कंपनी (PGVCL) से करीब ₹653.12 करोड़ (टैक्स सहित) का टर्नकी कॉन्ट्रैक्ट मिला है। इस परियोजना को 18 महीने के भीतर पूरा किया जाएगा।
इस प्रोजेक्ट के तहत गुजरात के भावनगर, अंजार, जूनागढ़ और पोरबंदर सर्किलों में मौजूदा 11 kV हाई टेंशन (HT) और लो टेंशन (LT) ओवरहेड बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क में बदला जाएगा। साथ ही रिंग मेन सिस्टम (Ring Main System), GIS मैपिंग और एसेट टैगिंग जैसी आधुनिक तकनीकों को भी लागू किया जाएगा, जिससे बिजली नेटवर्क की निगरानी और रखरखाव अधिक प्रभावी हो सकेगा।
कंपनी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट में भूमिगत केबल बिछाने, रिंग मेन यूनिट्स की स्थापना और जियो-रेफरेंस्ड एसेट रजिस्टर तैयार करने जैसे कार्य शामिल हैं। एसेट टैगिंग के जरिए प्रत्येक उपकरण की पूरी लाइफसाइकिल को डिजिटल रूप से ट्रैक किया जा सकेगा, जिससे संचालन और रखरखाव में पारदर्शिता बढ़ेगी।
यह ऑर्डर SEBI लिस्टिंग रेगुलेशन के रेगुलेशन 30 के तहत एक्सचेंज को सूचित किया गया है। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस सौदे में प्रमोटर, प्रमोटर ग्रुप या समूह की किसी अन्य कंपनी की कोई हिस्सेदारी नहीं है और यह रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन नहीं है।
बिजली वितरण क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश के बीच यह ऑर्डर राजेश पावर सर्विसेज के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सफल क्रियान्वयन से कंपनी की वितरण अवसंरचना सेवाओं की क्षमता मजबूत हो सकती है और भविष्य में ऐसे बड़े सरकारी प्रोजेक्ट हासिल करने की संभावना भी बढ़ सकती है।

