भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों (FPI) की वापसी का सिलसिला तेज हो गया है। जुलाई के पहले 10 कारोबारी दिनों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने कुल 24,662 करोड़ रुपये (करीब 2.59 अरब डॉलर) का शुद्ध निवेश किया है। कई महीनों तक लगातार बिकवाली के बाद यह बदलाव निवेशकों के भरोसे में मजबूत सुधार का संकेत माना जा रहा है।
इस बार निवेश केवल डेट बाजार तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विदेशी निवेशकों की सबसे अधिक रुचि इक्विटी में देखने को मिली। कुल निवेश का करीब 61% यानी 1.6 अरब डॉलर शेयरों में लगाया गया। इसके अलावा Fully Accessible Route (FAR) के जरिए 697 मिलियन डॉलर और सामान्य डेट मार्ग से 340 मिलियन डॉलर का निवेश आया।
मार्च से मई के बीच विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से 24 अरब डॉलर से अधिक निकाले थे, जिसमें केवल मार्च में 13.6 अरब डॉलर की रिकॉर्ड निकासी शामिल थी। जून में स्थिति सुधरनी शुरू हुई और 531 मिलियन डॉलर का शुद्ध निवेश दर्ज किया गया। अब जुलाई में यह रुझान और मजबूत हुआ है। 1 जुलाई से 10 जुलाई तक हर कारोबारी दिन विदेशी निवेश सकारात्मक रहा, जबकि 9 जुलाई को अकेले लगभग 978 मिलियन डॉलर का निवेश दर्ज किया गया।
विश्लेषकों के अनुसार, स्थिर रुपया, भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद और अन्य एशियाई बाजारों की तुलना में बेहतर निवेश अवसर विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। मैक्वेरी के विश्लेषक सुरेश गणपति का मानना है कि वित्तीय सेवाओं से जुड़ी कंपनियां विदेशी निवेश का प्रमुख केंद्र बन रही हैं। वहीं, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी. के. विजयकुमार के अनुसार, मजबूत आर्थिक संकेतक और स्थिर मुद्रा ने विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। यदि यह रुझान जारी रहता है, तो भारतीय शेयर बाजार को आने वाले महीनों में अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है।

