Zetwerk IPO को SEBI की मंजूरी, ₹4,200 करोड़ जुटाने की तैयारी; AI डेटा सेंटर कारोबार पर बड़ा दांव

टेक्नोलॉजी आधारित मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Zetwerk Manufacturing Business Limited को अपने प्रस्तावित IPO के लिए SEBI से मंजूरी मिल गई है। इस स्वीकृति के साथ कंपनी ने शेयर बाजार में लिस्टिंग की दिशा में एक बड़ा नियामकीय पड़ाव पार कर लिया है। IPO में नए शेयर जारी किए जाएंगे, जबकि मौजूदा निवेशक ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचेंगे। अंतिम इश्यू साइज और वैल्यूएशन का फैसला बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के दौरान होगा।

रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी इस IPO के जरिए करीब ₹4,200 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। इसके अलावा Zetwerk 50–60 मिलियन डॉलर की प्री-IPO फंडिंग पर भी बातचीत कर रही है, जिससे बैलेंस शीट मजबूत करने और शुरुआती निवेशकों को आंशिक एग्जिट देने में मदद मिलेगी। इस इश्यू का प्रबंधन Kotak Mahindra Capital, JM Financial, Avendus Capital, Pantomath Capital, HSBC, Morgan Stanley और Goldman Sachs की भारतीय इकाइयाँ कर रही हैं।

साल 2018 में स्थापित Zetwerk ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा, एयरोस्पेस और कैपिटल गुड्स जैसे क्षेत्रों में ग्राहकों को सप्लायर नेटवर्क से जोड़ने वाला टेक-इनेबल्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म संचालित करती है। कंपनी का Zetwerk OS सोर्सिंग, प्रोडक्शन प्लानिंग और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट को डिजिटल तरीके से संचालित करता है। अब कंपनी लैपटॉप, वेयरेबल्स, आईटी हार्डवेयर और PCB निर्माण में भी अपनी मौजूदगी बढ़ा रही है।

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो FY25 में कंपनी का GMV ₹12,798 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष के ₹14,443 करोड़ से करीब 11% कम है। हालांकि, इसी अवधि में शुद्ध घाटा घटकर ₹371 करोड़ रह गया, जो FY24 में ₹918 करोड़ था। कंपनी के सह-संस्थापक और CEO अमृत आचार्य ने पहले संकेत दिया था कि AI डेटा सेंटर से जुड़े मैन्युफैक्चरिंग कॉन्ट्रैक्ट्स के दम पर FY26 में कंपनी 2 अरब डॉलर से अधिक राजस्व हासिल करने का लक्ष्य रखती है। ऐसे में SEBI की मंजूरी Zetwerk की पूंजी जुटाने की रणनीति और भारत के उभरते मैन्युफैक्चरिंग व AI इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।