Persistent Systems के शेयर सोमवार को करीब 10% टूटकर ₹4,365.5 तक पहुंच गए, जिससे यह BSE Midcap Index का सबसे बड़ा गिरने वाला स्टॉक बन गया। यह गिरावट कंपनी द्वारा जर्मन डिजिटल इंजीनियरिंग फर्म Nagarro SE के €1.4 बिलियन अधिग्रहण की घोषणा के बाद आई।
27 जून को घोषित इस डील के तहत Persistent की सहायक कंपनी Galaxy Germany Holding, Nagarro के सभी बकाया शेयर €81 प्रति शेयर कैश में खरीदने की पेशकश करेगी। यह कीमत Nagarro के 25 जून के क्लोजिंग प्राइस पर 140% प्रीमियम दर्शाती है, जिससे इस सौदे की लागत को लेकर बाजार में चिंता बढ़ी है।
ब्रोकरेज फर्म Citigroup ने Persistent पर ‘Sell’ रेटिंग बरकरार रखते हुए ₹4,090 का टारगेट दिया है। Citi के मुताबिक, यह डील यूरोप में कंपनी की मौजूदगी मजबूत करेगी, लेकिन Nagarro की पिछली ग्रोथ, मौजूदा वैल्यूएशन और समान डील्स की तुलना में यह अधिग्रहण महंगा दिखता है। Citi ने यह भी बताया कि Persistent FY27 अनुमानित आय के लगभग 33 गुना PE पर ट्रेड कर रहा है।
वहीं Nomura Holdings ने ‘Neutral’ रेटिंग के साथ ₹5,200 का लक्ष्य रखा, जबकि CLSA ने ‘High Conviction Outperform’ बनाए रखते हुए ₹6,520 का टारगेट दिया है। CLSA के अनुसार, यह डील 1.2x EV/Sales और 9.6x EV/EBITDA पर हो रही है और इससे लगभग 6% EPS accretion संभव है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह सौदा Persistent को AI और डिजिटल इंजीनियरिंग सेक्टर में मजबूत स्थिति दे सकता है, लेकिन निवेशकों की नजर अब इंटीग्रेशन रिस्क और ग्रोथ डिलीवरी पर रहेगी।

