भारत के अरबपति उद्योगपति Gautam Adani ने देश के ऊर्जा सेक्टर में बड़ा कदम उठाते हुए न्यूक्लियर पावर बिजनेस में उतरने की घोषणा की है। Adani Enterprises की सालाना शेयरहोल्डर्स मीटिंग में अडानी ने बताया कि समूह अपनी नई यूनिट Adani Atomic Energy के जरिए परमाणु ऊर्जा उत्पादन शुरू करेगा।
कंपनी ने इस प्रोजेक्ट के लिए जगह भी चिन्हित कर ली है और 2035 तक 10 गीगावॉट (GW) न्यूक्लियर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, इस प्रोजेक्ट में कुल निवेश की राशि का खुलासा नहीं किया गया है।
इसके साथ ही Adani Power अगले पांच वर्षों में 2 लाख करोड़ रुपये (करीब 21.1 अरब डॉलर) का निवेश करेगी। इस निवेश के जरिए कंपनी अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को मौजूदा 18GW से बढ़ाकर 45GW तक ले जाएगी।
यह कदम ऐसे समय आया है जब भारत सरकार निजी कंपनियों के लिए न्यूक्लियर सेक्टर खोल चुकी है। भारत का लक्ष्य 2032 तक अपनी परमाणु ऊर्जा क्षमता को मौजूदा लगभग 9GW से बढ़ाकर 22GW तक पहुंचाना है। फिलहाल देश की कुल बिजली उत्पादन में न्यूक्लियर ऊर्जा की हिस्सेदारी सिर्फ 3% है।
अगर यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ता है, तो अडानी ग्रुप भारत की पहली बड़ी निजी कंपनी बन सकता है जो कमर्शियल न्यूक्लियर पावर ऑपरेट करेगी। ऊर्जा सुरक्षा, क्लीन पावर और बढ़ती बिजली मांग के बीच यह कदम भारत के पावर सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकता है।

