भारत की दिग्गज आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) को अमेरिका में चल रहे लंबे कानूनी विवाद में बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपील पर सुनवाई से इनकार किए जाने के बाद कंपनी को FY27 की पहली तिमाही में अतिरिक्त 70 मिलियन डॉलर का एकमुश्त खर्च उठाना पड़ेगा।
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसने इस मामले के लिए पहले ही 150 मिलियन डॉलर का प्रावधान कर रखा था। अब शेष 70 मिलियन डॉलर को डैमेज, ब्याज और कानूनी खर्च के रूप में रिकॉर्ड किया जाएगा। इसका सीधा असर कंपनी के Q1 FY27 मुनाफे पर पड़ सकता है।
यह मामला DXC Technology और उसकी पूर्व इकाई CSC द्वारा 2019 में दायर मुकदमे से जुड़ा है। आरोप था कि TCS ने Transamerica से करीब 2,200 कर्मचारियों की भर्ती के बाद CSC के लाइफ-इंश्योरेंस सॉफ्टवेयर और गोपनीय डेटा का इस्तेमाल कर प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म तैयार किया।
हालांकि TCS ने इन आरोपों को लगातार खारिज किया और कहा कि संबंधित जानकारी गोपनीय नहीं थी तथा सॉफ्टवेयर तक पहुंच वैध तरीके से मिली थी।
2023 में जूरी ने TCS पर 210 मिलियन डॉलर का जुर्माना सुझाया था, जिसे बाद में घटाकर 168 मिलियन डॉलर कर दिया गया। इसमें 56 मिलियन डॉलर मुआवजा और 112 मिलियन डॉलर दंडात्मक हर्जाना शामिल है।
अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद निचली अदालत का आदेश बरकरार रहेगा। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि कानूनी जोखिम और एकमुश्त खर्च TCS के निकट अवधि के वित्तीय प्रदर्शन पर दबाव बना सकते हैं।

