Vedanta Demerger Update: 1 शेयर पर मिलेंगे 4 नए शेयर, कब आएंगे खाते में और कब होगी लिस्टिंग?

Vedanta Demerger Update: 1 शेयर पर मिलेंगे 4 नए शेयर, कब आएंगे खाते में और कब होगी लिस्टिंग?

Vedanta Ltd के डिमर्जर को लेकर निवेशकों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। कंपनी ने 1 मई 2026 की रिकॉर्ड डेट पार कर ली है, जिसके आधार पर यह तय हुआ कि किन शेयरधारकों को नए शेयर मिलेंगे। रिकॉर्ड डेट महाराष्ट्र दिवस पर होने के कारण बाजार बंद था, लेकिन जिन निवेशकों के पास इस तारीख से पहले शेयर थे, वे इस लाभ के पात्र हैं।

बुधवार को सुबह करीब 11 बजे कंपनी का शेयर Vedanta share price 300.85 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो 2.10% की बढ़त दर्शाता है। पिछले दो कारोबारी सत्रों में शेयर में 13% से अधिक की तेजी आई है और इस दौरान इसने 305.90 रुपये का इंट्राडे हाई भी छुआ। इससे पहले एक्स-डेट के चलते कीमत में गिरावट आई थी और शेयर 52 हफ्ते के निचले स्तर 268.70 रुपये तक पहुंच गया था, जहां से अब रिकवरी दिख रही है।

डिमर्जर के तहत कंपनी अपने बिजनेस को पांच अलग-अलग इकाइयों में बांट रही है। चार नई कंपनियां—Vedanta Aluminium Metal Ltd., Vedanta Power Ltd., Vedanta Oil and Gas Ltd. और Vedanta Iron and Steel Ltd.—अलग से लिस्ट होंगी, जबकि मूल कंपनी अपने प्रमुख निवेश और अन्य व्यवसाय अपने पास रखेगी।

एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, यह डिमर्जर 1:1 अनुपात में होगा। यानी हर एक शेयर पर निवेशकों को चार नई कंपनियों के एक-एक शेयर मिलेंगे और मौजूदा Vedanta का शेयर भी उनके पास रहेगा। इस तरह कुल मिलाकर एक शेयर पांच शेयरों में बदल जाएगा। इसे “value unlocking” रणनीति माना जा रहा है, जिससे हर बिजनेस की अलग वैल्यू सामने आ सकेगी।

डिमर्जर 1 मई 2026 से प्रभावी हो गया है और आमतौर पर नए शेयर 30 से 45 दिनों के भीतर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट हो जाते हैं। Central Depository Services Limited जैसे डिपॉजिटरी इसके बारे में निवेशकों को सूचित करेंगे।

लिस्टिंग टाइमलाइन की बात करें तो अभी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं हुई है, लेकिन बाजार के अनुमानों के अनुसार नई कंपनियां 4 से 8 हफ्तों में लिस्ट हो सकती हैं, यानी जून 2026 के मध्य तक लिस्टिंग संभव है।

कंपनी के Q4FY26 नतीजे भी मजबूत रहे हैं। शुद्ध लाभ 89% बढ़कर 9,352 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि राजस्व 29% बढ़कर 51,524 करोड़ रुपये रहा। EBITDA 59% बढ़कर 18,447 करोड़ रुपये रहा और मार्जिन 44% तक पहुंच गया। बेहतर कीमतों, उच्च उत्पादन और फॉरेक्स गेन ने इस प्रदर्शन को समर्थन दिया।

निवेशकों के लिए यह डिमर्जर एक महत्वपूर्ण ट्रिगर माना जा रहा है, क्योंकि इससे अलग-अलग बिजनेस की स्पष्ट वैल्यूएशन सामने आ सकती है और लंबी अवधि में रिटर्न की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।